दिव्यांगजनों को मिले उनका हक, अधिकारी करें सुनिश्चितराज्य आयुक्त ने गेस्ट हाउस में बैठक कर अधिकारियों को दिए निर्देश

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दिव्यांगजनों को मिले उनका हक, अधिकारी करें सुनिश्चितराज्य आयुक्त ने गेस्ट हाउस में बैठक कर अधिकारियों को दिए निर्देश

Tuesday, 29 July 2025 | July 29, 2025 Last Updated 2025-07-29T13:04:43Z
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दिव्यांगजनों को मिले उनका हक, अधिकारी करें सुनिश्चित
राज्य आयुक्त ने गेस्ट हाउस में बैठक कर अधिकारियों को दिए निर्देश



बदायूँ : 29 जुलाई। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन हिमांशु शेखर झा ने मंगलवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में राज्य उपायुक्त दिव्यांगजन शैलेन्द्र सोनकर व जनपद के अधिकारियों के साथ बैठक कर 




दिव्यांगजनों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलवाने व उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि सरकार ने विकलांगजनों को दिव्यांगजन नाम देकर उनका सम्मान किया। 


राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांगजनों ने देश का मान बढ़ाया है। पैरा ओलंपिक में ओलंपिक से ज्यादा मैडल जीतकर दिव्यांगजनों ने देश को गौरवान्वित किया है।



राज्य आयुक्त दिव्यांगजन हिमांशु शेखर झा ने मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि जनपद स्तर पर दिव्यांगजनों के लिए किए गए बेहतरीन कार्य को समाहित करते हुए प्रत्येक वर्ष 03 दिसंबर को विश्व दिव्यांगजन दिवस पर दिए जाने वाले पुरस्कारों के लिए वह आवेदन करवाएं।



उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं से कहा कि वह दिव्यांगजनों के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में चिकित्सकों की संख्या को एक से बढ़कर कम से कम दो करें तथा यह सुनिश्चित करें कि मेडिकल बोर्ड सप्ताह में एक दिन के स्थान पर कम से कम दो दिन संचालित हो क्योंकि वर्ष 2016 से पहले दिव्यांगजनों को 07 प्रकार की दिव्यांगता के लिए प्रमाण पत्र मिलते थे लेकिन सरकार के प्रयास से अब इसको बढा़कर 21 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर बोर्ड 03 वर्ष से पुराना है तो उसको पुनर्गठित करें तथा कार्यों की निरंतर समीक्षा भी करें।



वहीं उन्होंने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण से कहा कि पुलिस कार्मिक दिव्यांगजनों से बेहतर व्यवहार करें यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दिव्यांगजनों के विभिन्न वादों के संबंध में भी उनसे जानकारी ली। 


उन्होंने जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी पात्र दिव्यांगजनों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी निरंतर समीक्षा भी की जाए।




राज्य आयुक्त ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए कराए जा रहे कार्यों का व्यापक प्रचार प्रसार भी कराया जाए तथा प्रत्येक कार्यालय को दिव्यांगजनों के लिए सुगम बनाया जाए ताकि वह वहां जाकर अपनी समस्याओं को अवगत कराएं व उनकी समस्याओं का प्राथमिक पर निस्तारण भी सुनिश्चित कराया जाए।



राज्य उपायुक्त दिव्यांगजन शैलेन्द्र सोनकर ने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जाए तथा यदि कार्यालय में किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाती है और वह दिव्यांग हो जाता है तो ऐसे कर्मचारी को समान वेतन और शर्तों के साथ दूसरे पद पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए, परन्तु उन्हें नौकरी से न निकाला जाए और न ही वीआरएस (स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति) के लिए कहा जाए। 


इसके लिए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 20(4) में स्पष्ट रूप से कहा गया है।  
इस अवसर पर राज्य उपायुक्त दिव्यांगजन शैलेन्द्र सोनकर, विधि अधिकारी राज्य दिव्यांगजन आयोग, 




मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रामेश्वर मिश्रा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के0के0 सरोज, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी प्रणव पाठक सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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