भतीजी से कथित छेड़छाड़ का विरोध करने से शुरू हुआ विवाद, दोनों पक्षों पर कार्रवाई और गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल
बरेली। जिले के आंवला थाना क्षेत्र के तिपोलिया चौक से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर डंडों से पीटते और घसीटते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान सुमित गुप्ता के रूप में बताई जा रही है। आरोप है कि अपनी भतीजी के साथ कथित छेड़छाड़ का विरोध करने के बाद वह दूसरे पक्ष के निशाने पर आ गए। हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और घटना की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
छात्रा से जुड़े विवाद के बाद बढ़ा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत बरेली की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्रा से जुड़े मामले से हुई। आरोप है कि एक युवक छात्रा को लगातार परेशान कर रहा था। शिकायत के बाद छात्रा के परिजन बरेली पहुंचे और एक शॉपिंग मॉल में संबंधित युवक को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। बताया जाता है कि इसके बाद युवक के परिजनों की ओर से छात्रा के परिजनों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
दवा लेने जा रहे सुमित को रोकने का आरोप
सुमित गुप्ता की पत्नी दामिनी गुप्ता की शिकायत के मुताबिक, 17 अक्टूबर की शाम सुमित अपनी पत्नी के साथ दवा लेने जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें रास्ते में रोक लिया गया। आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और घसीटते हुए ले जाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। शिकायतकर्ता पक्ष ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फायरिंग में राहगीर की मौत
विवाद के दौरान सुमित को बचाने के प्रयास में कथित तौर पर फायरिंग होने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि सुमित के परिजनों की ओर से गोली चलाई गई, जिसके बाद दूसरे पक्ष से भी फायरिंग हुई। इस घटनाक्रम में एक राहगीर की मौत होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने सुमित के परिजनों के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और उनके दो भाइयों की गिरफ्तारी किए जाने की बात कही जा रही है।
पत्नी की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज
दामिनी गुप्ता की तहरीर पर वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज होने की बात कही गई है। शिकायत में तरुण ठाकुर, वरुण ठाकुर, नवीन सिंह, सचिन सिंह, भूरे और गौरव समेत तीन अज्ञात लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। राजनीतिक सिफारिश के कारण कार्रवाई प्रभावित होने का आरोप भी लगाया गया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के आरोपों, वायरल वीडियो, फायरिंग और राहगीर की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह स्पष्ट होना चाहिए कि घटना की शुरुआत कैसे हुई, फायरिंग किसने की और किन परिस्थितियों में राहगीर की जान गई। साथ ही, दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज मुकदमों में अब तक हुई कार्रवाई की स्थिति भी सामने आनी चाहिए।
फिलहाल, मामले में सभी आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा
