राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उ.प्र. के तत्वाधान में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उ.प्र. के तत्वाधान में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम

Thursday, 23 November 2023 | November 23, 2023 Last Updated 2023-11-25T07:01:40Z
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उ.प्र. के तत्वाधान में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गतराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उ.प्र. के तत्वाधान में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत

मुख्य अतिथि जयपाल दिवाकर जिला पंचायत सदस्य जैकी चाचा सेक्टर संयोजक रविंद्र कुमार शर्मा जी अनिल गुप्ता जी डॉक्टर जुनैद डॉ विकास श्रीवास्तव  रूप किशोर जी एएनएम एवं आशा वर्कर तथा समस्त स्टाफ मौजूद रहे
*विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' 10 अक्टूबर 2022 के अवसर पर "Make Mental Health & Well Being for All a Global Priority"

जनसाधारण को सूचित किया जाता है कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर दिनांक 12.10.2022 को पूर्वाहन 10.30 बजे एक वृहद चिकित्सा शिविर का आयोजन जिला विकित्सालय (पुरुष) बदायूँ में किया जा रहा है। शिविर में मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा मानसिक रोगियों को निःशुल्क परामर्श, निःशुल्क जाँच एवं निःशुल्क उपचार आदि की सेवायें प्रदान की जायेगी। आपसे निवेदन है कि यदि आप या आपके किसी जानने वाले को किसी प्रकार की मानसिक समस्या/रोग से ग्रस्त हो, तो उक्त कैम्प में आकर सेवा का लाभ उठायें।

मानसिक रोग के लवण

लगना, कान रहना, बीद न आना, आत्महत्या के विचार आলা। बोलना, बिना बात के लड़ाई झगड़ा करना अधिक आना, तोड़फोड़ काम को बार-बार करना, मन में नकारात्मक विचार आना। , पसीना आना, बक्कर आना।
देनी होला दिल बैठना हाथ पैर बीले पड़ जाना महिलाओं में तनाव के कारण बेहोशी के दौरे पड़ना।
लम्बे समय से सिर বেলা যা সাइग्रेन की शिकायत होना।
के कारण असामान्य आहार शक करना, कानों में आवाज आना, समाज से कटे-कटे रहना।
सुपे में भूलने की दिक्कत होना या व्यवहार में परिवर्तन होला। मिर्गी के वीरे पढ़ना।
किसी भी प्रकार का नशा छुडाना या मरो के कारण हुए मानसिक दिक्कत हो जाনা।
बच्चों में मानसिक रोग के लटाण मन्दबुद्धि होना, बीजों को देर से सजाया समझना।
बच्चों में पढ़ाई में ना लगना अक्षरों वा शब्दों को देर से समझना या उल्टा लिखना।
बच्वों में ध्यान लगाने की दिक्कत होना या अधिक उपद्रवी बच्चा होना। बच्चों का बड़ों से जवাল লহলা, হझूठ बोलना, चोरी करना आदि बुरी आदते होना।
बच्चों में व्यवहार एक दम से परिर्वतन होना। बच्चों का नशा लेना या नशे की लत लगना।
अधिक जानकारी के लिए जिला चिकित्सालय (पुरुष) के ओ. पी. डी. कक्ष सं० 3 में प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को प्रात: 8 बजे से 2 बजे तक मानसिक रोगियों को देखा जाता
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अनरजिया मानसिक स्वास्थ्य यूनिट बदायूँ द्वारा जन जागरूकता एवं जनहित में जारी, उपरोयत में से कोई भी लक्षण आपको यो परिचित की या किसी को भी है तो उसे मानसिक स्वास्थ्य यूनिट, जिला अस्पताल, बदायूँ जाकर दिखायें।
नोडल अधिकारी राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य यूनिट, बदायूँ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
बदायूँजिला अधिकारी बदायूँ