ग्रामीणों का पुलिस पर आरोप लगाकर उनका सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है।एक तरफ सरकार एसआईआर बोटर लिस्ट तैयार कराने में लगी हुई है बही दूसरी तरफ बदायू पुलिस आए दिन चर्चा में है अब इसको क्या माना जाए कि बदायूं पुलिस का चुनावी माहौल बिगाड़ने का इरादा है या फिर सत्ता पक्ष का जनमानस में डर का माहौल बनाने पर तुली हुई है।बही एक हफ्ते में दो बार पुलिस बार आरोप लगे जिस कारण साफ तानाशाही रवैया नजर आ रहा है।पहले 16 जनवरी को इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव ब्योर कासिमाबाद में माघ माह के चलते प्रभात फेरी निकालते समय थाना पुलिस द्वारा बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा जिसमें करीब महिलाओओं सहित दर्जनभर ग्रामीण घायल हुए हैं।जिसमें थानाध्यक्ष पर तानाशाही रवैया का आरोप लगा है।
बही अगले दिन शनिवार यानी 17 जनवरी को बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बांस बरौलिया में एक कांस्टेबल पर नौ साल के बच्चे को मारने का आरोप लगा है जिस कारण ग्रामीण रोड पर उतर आए और घंटों पुलिस के सामने मुर्दाबाद के नारे लगाए और सिपाही को मौके पर बुलाने की मांग की गई।
