बेटियों को बचाने के दावों के बीच, बदायूं से सामने आई रूह कपा देने वाली सच्चाई।

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बेटियों को बचाने के दावों के बीच, बदायूं से सामने आई रूह कपा देने वाली सच्चाई।

Saturday, 17 January 2026 | January 17, 2026 Last Updated 2026-01-17T18:50:42Z
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 बदायूं: कोख में कत्ल की कोशिश ने छीन ली मां की जिंदगी!
बेटियों को बचाने के दावों के बीच, बदायूं से सामने आई रूह कपा देने वाली सच्चाई।
बदायूं जिले के उझानी क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात का काला खेल एक बार फिर एक विवाहिता की मौत का कारण बना है।
 क्या है पूरा मामला?
मूसाझाग के मल्लाहपुर की रहने वाली किरन की शादी 2023 में सावंती नगला निवासी राहुल के साथ हुई थी। आरोप है कि किरन के दूसरी बार गर्भवती होने पर ससुराल पक्ष ने अवैध रूप से उसका अल्ट्रासाउंड (लिंग परीक्षण) कराया। कोख में 'बेटी' होने की पुष्टि होते ही, उसे जबरन गर्भपात (Abortion) के लिए ले जाया गया।
💔 लापरवाही और मौत का तांडव
गर्भपात के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) होने से किरन की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे उझानी और फिर बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। 16 जनवरी को इलाज के दौरान किरन ने दम तोड़ दिया। मृतका के भाई ने अब ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
⚠️ बिसौली की घटना भी नहीं भुला सकते
अभी कुछ समय पहले ही बिसौली तहसील क्षेत्र में भी एक नाबालिग किशोरी की अवैध गर्भपात के कारण जान चली गई थी। आखिर कब तक बदायूं जिले में मौत के ये सौदागर चांदी काटते रहेंगे?
📢 कुछ सुलगते सवाल:
प्रशासन की नाक के नीचे ये अवैध लिंग परीक्षण केंद्र कैसे फल-फूल रहे हैं?
लिंग चयन और अवैध गर्भपात कराने वाले अस्पतालों पर कठोर कार्रवाई कब होगी?
समाज में "बेटा ही चाहिए" वाली ये बीमार मानसिकता और कितनी जानें लेगी?
गर्भ में लिंग की पहचान करना और गर्भपात कराना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि एक अक्षम्य पाप भी है।
न्याय की इस मांग को आगे बढ़ाएं ताकि फिर किसी 'किरन' को अपनी जान न गंवानी पड़े।