तमंचे में जेल भेजकर इनामी हत्यारोपी को बचाने का खेल बेनकाब, दो और दरोगा निलंबित
बदायूं। गाजियाबाद के थाना लोनी में हत्या के मामले के 20 हजार रुपये के इनामी हत्यारोपी को फर्जी नाम से जेल भेजने के प्रकरण में पुलिस विभाग की कार्यवाही लगातार जारी है। पहले थाना बिनावर के प्रभारी निरीक्षक अरहिंत कुमार सिद्धार्थ को लाइन हाजिर और उपनिरीक्षक बलवीर को निलंबित किया गया था। अब विस्तृत जांच में थाना फैजगंज बेहटा के वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार और थाना मूसाझाग के उपनिरीक्षक राजकुमार सिंह को भी दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। चारों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी है। सूत्रों के अनुसार, फैजगंज बेहटा में तैनात दरोगा नरेंद्र कुमार पर अपने भांजे को बचाने के लिए पूरी कहानी रचने का आरोप है। वहीं, उपनिरीक्षक राजकुमार सिंह और बिनावर के तत्कालीन दरोगा बलवीर के साथ कथित सांठगांठ में सामिल होने की चर्चा है आपको बता दें 23 जुलाई को दरोगा बलवीर ने हत्यारोपी सोनू का नाम बदलकर सोहनपाल उर्फ सूजल नाम से तमंचे में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
