फैजगंज बेहटा, हिटी। तीनों दोस्तों की मौत ने तीन परिवारों से उनके जीने की वजह छीन ली। नितिन के

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फैजगंज बेहटा, हिटी। तीनों दोस्तों की मौत ने तीन परिवारों से उनके जीने की वजह छीन ली। नितिन के

Monday, 7 September 2026 | September 07, 2026 Last Updated 2026-09-08T03:41:14Z
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फैजगंज बेहटा, हिटी। तीनों दोस्तों की मौत ने तीन परिवारों से उनके जीने की वजह छीन ली। नितिन के सपनों को मंजिल मिलने से पहले ही सफर थम गया, पिता की मौत के बाद विशाल ही परिवार का सहारा बना था और अचिन की जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी। अब तीनों घरों में अधूरे सपने और अपनों की यादें ही बची हैं।

नितिन से जुड़ी थीं पढ़ाई और भविष्य की उम्मीदेंः 25 वर्षीय नितिन

चंदौसी के एसएम डिग्री कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के साथ फोटो स्टूडियो का काम भी करता था। पिता रामौतार गांव के प्रधान हैं। परिवार में मां मंगलवती, बड़ा भाई पंकज और बहन कंचन हैं। पंकज दिल्ली में काम करता है। नितिन अपने पैरों पर खड़े होने के लिए पढ़ाई के साथ काम कर रहा था। परिवार को उससे आगे बढ़ने की उम्मीद थी। बेटे की मौत की खबर के बाद मां मंगलवती का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस उम्र में नितिन परिवार के लिए अपनी पहचान और भविष्य बनाने की तैयारी कर रहा था, उसी उम्र में उसकी जिंदगी खत्म हो गई। उसके चले जाने से परिवार के बीच उसकी हंसी, बातें और रोजमर्रा की मौजूदगी की जगह अब सिर्फ यादें रह गई हैं।

विशाल के लिए पिता के बाद परिवार ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी

थाः 18 वर्षीय विशाल के पिता प्रताप की करीब चार महीने पहले बीमारी के चलते मौत हुई थी। उनके जाने के बाद मां सरोज, छह बहनों और छोटे भाई आकाश की जिम्मेदारी विशाल पर घर की जिम्मेदारी थी।

फैजगंज बेहटा क्षेत्र में एमएफ हाईवे पर सेंडिली गांव के पास हुए हादसे के बाद बस के नीचे क्षतिग्रस्त पड़ी बाइक।

नितिन पढ़ाई के साथ भविष्य संवार रहा था, विशाल पिता के बाद परिवार का सहारा बना था अचिन की जिंदगी अभी सपनों की दहलीज पर थी, लौटने का इंतजार रह गया हमेशा के लिए

गई थी। छह बहनों में चार की शादी हो चुकी है। घर का सबसे बड़ा बेटा होने के कारण परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। पिता के जाने का दुख अभी कम भी नहीं हुआ था कि परिवार ने विशाल को भी खो दिया। मां सरोज के लिए यह दूसरा बड़ा सदमा है।

अस्पताल से लेकर गांव तक पसरा मातम

मनहूस खबर के बाद बदहवास परिजन सीएचसी बिसौली पहुंचे। अस्पताल के स्ट्रेचर पर अपनों के शव देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मां और बहनों की चीखपुकार से पूरा अस्पताल परिसर गूंज उठा। एक ही गांव के तीन नौजवानों की मौत से ग्राम भतौर में मातम का सन्नाटा पसर गया है और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

वहीं 17 वर्षीय अचिन के पिता अशोक राजमिस्त्री का काम करते हैं। परिवार में मां ममता, बड़ा भाई सचिन और बहन प्रतिमा हैं। अचिन की जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी। तीनों घरों में अब बच्चों के भविष्य को लेकर देखे गए सपनों की जगह उनकी यादें रह गई हैं।