कावड़ यात्रा के लिए बदले डीजे के नियम ।
उत्तर प्रदेश । कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्य सचिव मनोज कुमार और पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने चार राज्यों के अफसरों के सामने अपनी कार्ययोजना साझा की। इस बार कांवड़ यात्रा में तकनीकी का भी प्रयोग किया जाएगा।
हरिद्वार को दिल्ली से जोड़ने के लिए इस बार आठ कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। ताकि हरिद्वार से छूटने के बाद दिल्ली तक कांवड़ियों पर नजर रखी जा सकें।
सीसीटीवी कैमरों को कंट्रोल रूम और अफसरों के मोबाइल से कनेक्ट किया जाएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान आमजन में देशभक्ति का जब्बा भी कायम किया जाएगा।
यानि बोल बम-बम के साथ कांवड़िए भारत माता की जय और तिरंगा भी लहराएंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-दून हाईवे पर एकल मार्ग व्यवस्था 25 जुलाई से लागू होगी। 27 जुलाई से कांवड़ के सभी मार्गों पर रूट डायवर्जन होगा। एक अगस्त से हाईवे पूर्णतय बंद कर दिया जाएगा।
हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा
कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि इस बार भी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया जाएगा। विशेषकर औघड़नाथ मंदिर,
पूरा महादेव मंदिर और दूधेश्वर नाथ मंदिर के परिसर में फूलों की वर्षा लगातार की जाएगी। सुरक्षा के लिए कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी।
डीजपी ने बताया, कि नागरिक पुलिस के अलावा पीएसी और अर्धसैनिक बल को भी लगा दिया गया है।
हाईवे पर यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा। आमजन को भी कोई परेशानी न हो, ऐसी व्यवस्था पुलिस और प्रशासन के अफसर मिलकर बनाएंगे।
डीजीपी ने किया। कहा कि इस बार ज्यादातर कांवड़ियों को गंगनहर की पटरी से निकाला जाएगा। वहां पर अत्यधिक पुलिस बल लगाया जाएगा।
गतवर्ष विद्युत लाइन से डीजे ( म्यूजिक सिस्टम) टकराने पर मेरठ के राली चौहान में पांच लोगों की मौत हुई थी। इस घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार डीजे की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 16 फीट से अधिक होने पर कार्रवाई होगी। आवाज 75 डेसीबल से ज्यादा नहीं होगी।
