जनपद भर , मलेरिया ,डेंगूऔर वायरल बुखार से हजारों नागरिक पीड़ित,आधा दर्जन मौत के बाद भी स्वास्थ्यविभग चल रहा है कछुआ चाल

Notification

×

All labels

All Category

Iklan

All labels

जनपद भर , मलेरिया ,डेंगूऔर वायरल बुखार से हजारों नागरिक पीड़ित,आधा दर्जन मौत के बाद भी स्वास्थ्यविभग चल रहा है कछुआ चाल

Wednesday, 30 October 2024 | October 30, 2024 Last Updated 2024-10-30T14:34:50Z
    Share
जनपद भर , मलेरिया ,डेंगूऔर वायरल बुखार से हजारों नागरिक पीड़ित,
आधा दर्जन मौत के बाद भी स्वास्थ्यविभग चल रहा है कछुआ चाल
ब्यूरो बदायूं 
बदायूं ।  जनपद भर , मलेरिया ,डेंगूऔर वायरल बुखार से हजारों नागरिक पीड़ित है जिसमें अब तक आधा दर्जन मोते हो चुकी है।लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी भी कछुआ चाल चलकर नागरिकों का इलाज कर रहा है। जिसके चलते प्राइवेट डॉक्टरों के यहां लंबी लबी लाइन देखी जा सकती है।
मौसम में बदलाव के साथ मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।जिला अस्पताल में तो मरीजाें की भीड़ उमड़ ही रही है, वहीं घर-घर लोग बुखार से पीड़ित हैं। ऐसा कोई भी घर नहीं होगा जिसमें एक व्यक्ति बुखार से पीड़ित न हो। जिस कारण गरीब व्यक्ति सरकारी अस्पतालों में इलाज करने जाता है लेकिन सुविधाओं के नाम पर उसे ऊंट के मुंह में जीरे के समान ही इलाजमल पाता है। जबकि स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन बार-बार सरकारी अस्पतालों में सुविधा होने का दाबा करते हैं। 

आम आदमी को जब सरकारी अस्पतालों में सुविधा नहीं मिलती है तो वह मजबूरन निजी अस्पतालो में अपना इलाज कराने को मजबूर है। इन चिकित्सालय में वायरल बुखार से पीड़ितों की भीड़ है। चिकित्सक ऐसे में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

पिछले दिनों मौसम में हुए उलटफेर के बाद मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार ने पैर पसारने शुरू कर दिए थे। सितंबर माह के खत्म होते ही नागरिकों को बीमारियों ने जकड़ रखा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि घर-घर लोग वायरल बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में ओपीडी दोगुनी से अधिक भीड़ बढ़ रही है।

जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंटो में हर दिन 300 से 400 मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं।

जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि बुखार पीड़ितों को इलाज बेहतर तरीके से किया जा रहा है। जिले में बुखार से अब तक पांच मौत हो चुकी हैं। वहीं डेंगू के छह तो मलेरिया के पांच केस मिल चुके हैं।