राजकीय मेडिकल कॉलेज में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र सम्पन्न

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राजकीय मेडिकल कॉलेज में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र सम्पन्न

Thursday, 24 July 2025 | July 24, 2025 Last Updated 2025-07-24T14:44:42Z
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र सम्पन्न
बदायूँ, 24 जुलाई। राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूँ में उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट पॉपुलेशन काउंसिल, लखनऊ के सहयोग से दिनांक 22 एवं 23 जुलाई 2025 को दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का 



आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों की पहचान कर उन्हें प्रभावी तरीके से नियंत्रित करना रहा।



इस प्रशिक्षण सत्र में जिला महिला चिकित्सालय बदायूँ एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिसौली के चिकित्सकों ने भाग लिया। सत्र में प्रतिभागियों को मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने हेतु विभिन्न 




वैज्ञानिक उपायों, हाई-रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान, समयबद्ध रेफरल प्रणाली, तथा प्रसवोत्तर जटिलताओं की रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई।




प्रशिक्षण के दूसरे दिन राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूँ के प्राचार्य प्रो. (डा.) अरुण कुमार ने रीजनल रिसोर्स ट्रेनिंग सेंटर के उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस 



प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सकों की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
प्रशिक्षण के प्रमुख वक्ता आरआरटीसी की नोडल अधिकारी एवं गायनी विभाग की प्रो. डा. सीमा सरन 



रहीं। उन्होंने प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारणों, लक्षणों व उपचार पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रसव पूर्व एवं पश्चात सघन निगरानी, जोखिमपूर्ण गर्भावस्था की समय पर पहचान एवं प्रभावी रेफरल तंत्र मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में महत्वपूर्ण कमी ला सकते हैं।


यह प्रशिक्षण लखनऊ से अमित दास एवं ब्रजेश श्रीवास्तव (प्रोग्राम ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर) के प्रतिनिधित्व में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में डा. जया भारती, डा. तनवी, डा. रितु सिंह, डा. शैफाली, डा. स्वर्णिम यादव, डा. नाजिया अख्तर, डा. आकांक्षा 


यादव, डा. अवनी सिंह, डा. रूचि गुप्ता, डा. नीधेश गुप्ता एवं डा. मनोज गुप्ता सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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