अस्पताल में धूल फांक रही लाखों की हेल्थ ATM मशीन, मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ

Notification

×

All labels

All Category

Iklan

All labels

अस्पताल में धूल फांक रही लाखों की हेल्थ ATM मशीन, मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ

Tuesday, 15 September 2026 | September 15, 2026 Last Updated 2026-09-16T05:00:33Z
    Share


अस्पताल में धूल फांक रही लाखों की हेल्थ ATM मशीन, मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ
अखिलेश श्रीवास्तव 
*वजीरगंज और सैदपुर का मामला - टेक्नीशियन के अभाव में शोपीस बनी मशीनें, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर*

*वजीरगंज / सैदपुर (बदायूं)* - सरकार एक तरफ गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। वजीरगंज और सैदपुर के सरकारी अस्पतालों में लाखों रुपये की लागत से लगाई गई हेल्थ ATM चेकअप मशीनें महीनों से धूल फांक रही हैं।

बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में हेल्थ ATM मशीनें तो लगा दी गईं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए आज तक कोई टेक्नीशियन ही तैनात नहीं किया गया। नतीजा, करोड़ों की योजना के तहत आई ये आधुनिक मशीनें अस्पताल के एक कोने में कबाड़ की तरह पड़ी हैं।

*क्या है हेल्थ ATM का काम?*
इस मशीन से मरीज अपना ब्लड प्रेशर, वजन, हाइट, बॉडी टेम्परेचर, ऑक्सीजन लेवल और कई तरह की तुरंत जांच फ्री में कर सकता है। इससे डॉक्टरों को भी तुरंत रिपोर्ट मिल जाती है और मरीजों का समय बचता है।

*मरीज परेशान, प्राइवेट जांच को मजबूर*
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आकर भी उन्हें प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों पर जाकर 300-500 रुपये में जांच करानी पड़ती है। अगर ये मशीनें चालू होतीं तो गरीब मरीजों को काफी राहत मिलती। 

एक मरीज ने बताया - "मशीन लगी तो है, पर कर्मचारी कहते हैं चलाने वाला नहीं है। फिर लगाने का फायदा क्या?"

*स्वास्थ्य विभाग मौन*
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्टाफ ही नहीं था तो मशीनें क्यों लगाई गईं? क्या सिर्फ कागजों में खानापूर्ति के लिए? इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और सीएमओ से मांग की है कि जल्द से जल्द टेक्नीशियन की तैनाती कर इन हेल्थ ATM मशीनों को चालू कराया जाए, ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके।