अमरपुर में भीषण अग्निकांड: 66 घर राख, 115 परिवार बेघर; डीएम-विधायक ने बांटी राहत

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अमरपुर में भीषण अग्निकांड: 66 घर राख, 115 परिवार बेघर; डीएम-विधायक ने बांटी राहत

Thursday, 23 April 2026 | April 23, 2026 Last Updated 2026-04-24T03:50:07Z
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अमरपुर में भीषण अग्निकांड: 66 घर राख, 115 परिवार बेघर; डीएम-विधायक ने बांटी राहत

गोला तहसील के बिजुआ ब्लॉक में तबाही, तेज हवा ने बढ़ाई मुसीबत

ब्यूरो चीफ हिंदी दैनिक आपकी आवाज़ जनता तक

लखीमपुर खीरी। गोला गोकर्णनाथ तहसील के बिजुआ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम अमरपुर (मजरा गोगांवा) में बुधवार शाम को लगी भीषण आग ने पूरे गांव को तबाह कर दिया। इस अग्निकांड में 66 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि कुल 115 परिवार प्रभावित हुए हैं। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली, जिससे कई परिवारों को अपना सामान, अनाज, कपड़े और अन्य गृहस्थी बचाने का मौका तक नहीं मिला।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और स्थानीय विधायक अमन गिरी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें तत्काल राहत सामग्री वितरित की। डीएम ने तहसील प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राहत एवं पुनर्वास कार्य में तेजी लाई जाए तथा सभी प्रभावित परिवारों को शासन की अनुमन्य सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
पीड़ितों की दयनीय स्थिति
आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि ग्रामीणों ने बताया — "सामान निकालने का समय ही नहीं मिला।" कई परिवार अब खुले आसमान के नीचे तिरपालों के सहारे रहने को मजबूर हैं। कुछ लोगों (एक युवक और एक महिला) को झुलसने की सूचना है, हालांकि किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। कई पशु भी इस हादसे में झुलस गए या हताहत हुए।
प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रभावित परिवारों को मकान निर्माण सहायता, राशन किट, तिरपाल, कंबल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
डीएम अंजनी कुमार सिंह का बयान
"पीड़ित परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत कार्य में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को शासन की योजनाओं के तहत पूर्ण सहायता सुनिश्चित की जाएगी।"
विधायक अमन गिरी ने भी पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और कहा कि वे खुद इस मामले पर नजर रखेंगे।
यह दुखद घटना ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं की ओर इशारा करती है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि राहत कार्य में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी परिवार लंबे समय तक बेघर न रहना पड़े।