एक के बाद एक और नई रेल, बीएल वर्मा ने कर दिया सबको फेल !
बदायूं वाले आजादी के बाद से दिल्ली को जोडने वाली रेल मांग रहे थे, कांग्रेस के सत्तर साल और बदायूं के सांसद बन कर केद्रीय मंत्री बनने वाले शरद यादव और सलीम इकबाल शेरवानी ने पूरे कार्यकाल में केवल सपने दिखाते रहे और उसी समय में कछला जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ नगरी को रेेलवे स्टेशन से हाल्ट बना दिया गया जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्रीय मंत्री बने बीएल वर्मा दिल्ली वाली रेल चलवाने के बाद अब बदायूं को लखनउ से जोडने वाली रेल का वह खेल कर दिखाया जिसके लिये बदायूं वाले उनसे उम्मीद लगाये हुए थे। भाजपा के कुछ राजनेतिक विरोधी इसको चुनाव का खेल बता रहे हैं लेकिन इस बात का कोई जवाब किसी के पास नहीं है कि चुनाव तो पहले भी होते रहे और आगे भी होते रहेगे पर उन्होने यह काम क्यों नहीं कराया। आज बीएल वर्मा लोगों के दिल पर छा रहे हैं तो रेल को चुनावी खेल क्यों बताने लगे। अब अगर बदायूं के धार्मिक स्थल कछला के रेलवे हाल्ट को श्री वर्मा ने कोई रास्ता निकालकर कछला रेलवे स्टेशन बनवा दिया तो भाजपा के राजनेतिक विरोधी दिन में तारे देखते रह जाएगे।
