इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 10 जुलाई से अपनी जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच टकराव हिंसक हो गया।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की *कुलानुशासन अतुल नारायण सिंह* और *वाइस चांसलर* दमन का रास्ता अपना रहे हैं। प्रशासन द्वारा आंदोलनरत छात्रों का निलंबन और निष्कासन किया जा रहा है तथा उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
*छात्रों पर हुआ हमला*
आज धरना दे रहे छात्रों पर हमले का गंभीर आरोप लगा है। छात्रों का कहना है कि *कुलानुशासन अतुल नारायण सिंह* अपने कुछ निजी लोगों और रिसर्च स्कॉलरों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और शांतिपूर्ण धरना दे रहे छात्रों पर लाठियों से बर्बर हमला कराया।
इस हमले में कई छात्र घायल हो गए हैं। धरने में शामिल कुछ *छात्राओं के साथ छेड़छाड़* की गई और उन्हें भी गंभीर चोटें आई हैं।
छात्रों का आरोप है कि हमले के दौरान *पुलिस, विश्वविद्यालय प्रशासन और गार्ड मूकदर्शक बने रहे* और कुछ नहीं किया।
*प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी नहीं*
इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलानुशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आ सका है। घटना के बाद परिसर में तनाव का माहौल है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
घायल छात्रों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। छात्र संगठनों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
