बेसिक शिक्षा पर सख्त हुए सीडीओ, बोले - मिड-डे-मील की गुणवत्ता और कायाकल्प में लापरवाही नहीं चलेगी

Notification

×

All labels

All Category

Iklan

All labels

बेसिक शिक्षा पर सख्त हुए सीडीओ, बोले - मिड-डे-मील की गुणवत्ता और कायाकल्प में लापरवाही नहीं चलेगी

Thursday, 20 August 2026 | August 20, 2026 Last Updated 2026-08-21T03:40:13Z
    Share
बेसिक शिक्षा पर सख्त हुए सीडीओ, बोले - मिड-डे-मील की गुणवत्ता और कायाकल्प में लापरवाही नहीं चलेगी

 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक, शुद्ध पेयजल और क्रियाशील शौचालय हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश

हारून एम एच रज़ा वाहिदी

लखीमपुर खीरी, निज प्रतिनिधि।
जिला मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने शुक्रवार को विकास भवन के स्वामी विवेकानंद सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जनपद के सभी 15 ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मौजूद रहे।

बैठक में सीडीओ ने परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सुधार के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर
सीडीओ ने निर्देश दिया कि सभी परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही बच्चों को ताजा, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। खाद्यान्न भंडारण, रसोईघर की साफ-सफाई और भोजन पकाने से पहले सब्जियों की धुलाई अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं नियमित रूप से विद्यालयों में जाकर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता चखकर जांच करें।

मिशन कायाकल्प में शत-प्रतिशत लक्ष्य
मिशन कायाकल्प योजना की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने कहा कि जिले के किसी भी परिषदीय विद्यालय में कायाकल्प के 19 पैरामीटर अधूरे नहीं रहने चाहिए। उन्होंने सभी बीईओ को निर्देशित किया कि अपने-अपने ब्लॉक के सभी विद्यालयों में टाइल युक्त फर्श, चारदीवारी, विद्युतीकरण, फर्नीचर, रनिंग वाटर वाले शौचालय और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था को शत-प्रतिशत पूर्ण कराएं। जहां कार्य लंबित है, उसे एक पखवाड़े में पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

शुद्ध पेयजल और शौचालय के लिए जवाबदेही तय
सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि हर विद्यालय में बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल और साफ, क्रियाशील शौचालय हर हाल में होना चाहिए। शौचालयों में ताला लगा मिला या गंदगी मिली तो संबंधित प्रधानाध्यापक के साथ-साथ खंड शिक्षा अधिकारी की भी जवाबदेही तय की जाएगी। हैंडपंप और समरसेबल की मरम्मत तत्काल कराई जाए।

उन्होंने सभी बीईओ को निर्देश दिए कि वे अपने ब्लॉक में सघन निरीक्षण अभियान चलाएं, शिक्षकों की समय से उपस्थिति और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्रगति सुनिश्चित करें और हर सप्ताह प्रगति आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करें। लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।