देश के पहले PLA बायोपॉलिमर संयंत्र का DM ने किया निरीक्षण, अक्टूबर में शुरू होगा उत्पादन

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देश के पहले PLA बायोपॉलिमर संयंत्र का DM ने किया निरीक्षण, अक्टूबर में शुरू होगा उत्पादन

Thursday, 20 August 2026 | August 20, 2026 Last Updated 2026-08-21T03:44:54Z
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देश के पहले PLA बायोपॉलिमर संयंत्र का DM ने किया निरीक्षण, अक्टूबर में शुरू होगा उत्पादन

 बलरामपुर चीनी मिल लि. 3,080 करोड़ की लागत से बना रही है कुंभी में प्लांट, गन्ने से PLA तक का उत्पादन एक ही परिसर में

हारून एम एच रज़ा वाहिदी 

 मोहम्मदी / कुंभी, लखीमपुर खीरी
जिले में औद्योगिक क्रांति दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने आज कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल परिसर में निर्माणाधीन देश के पहले PLA आधारित बायोपॉलिमर संयंत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति जानी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने प्लांट के विभिन्न सेक्शनों का जायजा लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता के साथ-साथ तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बताया गया कि संयंत्र का संचालन इसी वर्ष अक्टूबर माह में प्रस्तावित है।

गौरतलब है कि बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की गई है। कंपनी ने इसके लिए अपनी नई पहल 'बलरामपुर बायोयुग' की शुरुआत की है। शुरुआत में इस परियोजना की लागत 2,850 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो अब बढ़कर 3,080 करोड़ रुपये हो गई है।

क्या है PLA प्लांट की खासियत:

यह देश का पहला पूरी तरह इंटीग्रेटेड बायोपॉलिमर संयंत्र होगा। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, यह दुनिया की पहली ऐसी फैसिलिटी होगी जहाँ गन्ने से लेकर PLA (पॉलीलैक्टिक एसिड) बायोपॉलिमर तक का सम्पूर्ण उत्पादन एक ही परिसर में किया जाएगा।

इस संयंत्र की क्षमता 250 टन प्रतिदिन यानी 80,000 टन वार्षिक होगी। यह संयंत्र पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होगा। यहां बनने वाला PLA 100 प्रतिशत कंपोस्टेबल और पौधों पर आधारित होगा, जो जीवाश्म ईंधन से बने प्लास्टिक का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प होगा।

इस PLA से बनने वाली बोतल, प्लेट, कप, कैरी बैग, फूड ट्रे और कटलरी महज तीन महीने में खुद ही मिट्टी में मिल जाएंगे। कंपनी का दावा है कि यह पारंपरिक प्लास्टिक की तुलना में 68 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन करता है।

इस प्लांट के लगने से जहां 225 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, वहीं गन्ना किसानों के लिए आय का एक नया और बड़ा जरिया खुलेगा। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

उल्लेखनीय है कि इस देश के पहले बायोपॉलिमर प्लांट का शिलान्यास 22 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी, कुंभी चीनी मिल के महाप्रबंधक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।