वजीरगंज जनपद बदायूं में राजा जनक को पता चला कि प्रजा दुखी है तो उन्होंने ब्राह्मणों से मंत्रणा की। राजा ने ब्राह्मणों की आज्ञा मानकर सोने का हल चलाया। हल घड़े से टकराने पर सुंदर कन्या निकली। काफी समय से जनक के घर में
भगवान शिव का पुराना धनुष रखा था। किसी कारण से सीता ने उस धनुष को अन्यत्र रख दिया। इसकी जानकारी होने पर जनक ने राज्य में सीता स्वयंवर का आयोजन किया। तय किया कि जो इस धनुष को
तोड़ेगा उसी से सीता का विवाह होगा। राज्य के बड़े-
को निमंत्रण दिया गया। लंकापति रावण भी स्वयंवर में पहुंचे। सभी राजाओं ने धनुष तोड़ने की कोशिश की लेकिन किसी से धनुष हिला तक नहीं। विश्वामित्र ने अपने शिष्य राम को शिव के धनुष को तोड़ने का आदेश दिया। भगवान राम ने धनुष को तोड़ दिया। तोड़ने के बाद आज सुबह से ही दिन में रामबरात निकालने की की तैयारी चल रही है और कस्बा वजीरगंज में बड़े धूमधाम के साथ भगवान रामचंद्र जी की बारात का आगमन हो रहा है वही देखते-देखते पुलिस प्रशासन भी अपनी सूझबूझ का परिचय देती हुई नजर आ रही है थाना प्रभारी अरविंद कुमार के साथ हलका इंचार्ज आदि पुलिसकर्मी मौजूद रहे
