आज दिनांक 6/02/2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर के अंतर्गत आने वाले उच्च प्राथमिक विद्यालय नवाबपुरा मे राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत चलाये जा रहे "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान "के क्रम मे एक कुष्ठ गोष्ठी का आयोजन किया गया । इस गोष्ठी में पी एम डवलु नवाब मियां ने विद्यालय के समस्त छात्र -छात्राओं एवम स्टॉफ को कुष्ठ रोग के विषय मे जागरूक किया । कुष्ठ रोग से संबंधित भ्रांतियों को दूर किया । कुष्ठ रोग के लक्षण , पहचान चिन्ह एवं इलाज के बारे में बताया ।
कुष्ठ रोग एक कम संक्रामक रोग है जो एक बैक्टीरिया माइकोबैक्टेरियम लैप्रे से होता है । कुष्ठ के मुख्य लक्षण है - त्वचा से हल्के रंग के तांबई रंग के दाग धब्बे जो सुन्न हो ,जिन में खुजली न होती हो ,पसीना न आता हो ,दाग वाले स्थान पर बाल गिर जाते हो , यदि कोई जख्म हो जाए तो जख्म जल्दी भरता न हो और उसमें दर्द भी न होता हो , कान पर गांठे , पीठ पर गांठे हो , हाथ पैर की उंगलियों का मुड़ जाना , भौहों का खत्म हो जाना , नाक बैठ जाना ,अपने आप फलक पड़ना और फूट जाना , आंख की पलक का न झपकना ,हथेली तलवों में सुन्नपन , हाथ पैर की उंगलियों में झनझनाहट , किसी भी वस्तु को हाथों से पकड़ने व उठाने पर कमजोरी या असमर्थता , परिधीय तंत्रिका तंत्र का मोटा हो जाना आदि कुष्ठ के लक्षण है ।कुष्ठ रोग अनुवांशिक नहीं होता है । दूधिया सफेद रंग का दाग धब्बा कुष्ठ नहीं होता है । कुष्ठ का इलाज एमडीटी है जो सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध है । कुष्ठ रोगी की जांच एवं उपचार निशुल्क है । यदि कुष्ठ रोगी समय से इलाज कराता है तो विकलांगता से बच जाता है । यही राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन का उद्देश्य है कि कुष्ठ से कोई भी विकलांग न हो और समाज में किसी भी बच्चे को कुष्ठ रोग न हो ।कुष्ठ की भ्रांतियां को दूर करते हुए बताया कि कुष्ठ रोग छूने या साथ उठने बैठने से नहीं होता है और न ही है पूर्व जन्म का अभिशाप है ।कुष्ठ रोग का इलाज कराने से पूर्णतः ठीक हो जाता है । हमें कुष्ठ रोगियों को समाज की मुख्य धारा में लाना है । इसके लिए सभी को एक साथ शपथ दिलाई । अंत मे सभी स्टॉफ का आभार व्यक्त किया
