वरिष्ठ कवयित्री एवं समाजसेवी गीतांजलि सक्सेना का हुआ निधन। बदायूं जनपद के कस्बा दातागंज की वरिष्ठ कवयित्री और समाजसेवी गीतांजलि सक्सेना के आकस्मिक निधन की खबर सुनकर साहित्य जगत में शोक की

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वरिष्ठ कवयित्री एवं समाजसेवी गीतांजलि सक्सेना का हुआ निधन। बदायूं जनपद के कस्बा दातागंज की वरिष्ठ कवयित्री और समाजसेवी गीतांजलि सक्सेना के आकस्मिक निधन की खबर सुनकर साहित्य जगत में शोक की

Wednesday, 19 March 2025 | March 19, 2025 Last Updated 2025-03-19T07:02:30Z
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वरिष्ठ कवयित्री एवं समाजसेवी गीतांजलि सक्सेना का हुआ निधन
प्रधान सम्पादक कुलदीप सक्सेना 

 बदायूं जनपद के कस्बा दातागंज की वरिष्ठ कवयित्री और समाजसेवी गीतांजलि सक्सेना के आकस्मिक निधन की खबर सुनकर साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी वे काफी समय अस्वस्थ चल रही थी जिसके चलते दिल्ली के एक अस्पताल में आज 17 मार्च 2025 को उन्होंने अंतिम सांस ली। गीतांजलि सक्सेना सरल व्यवहारिक होने के साथ-साथ साहित्य के प्रति समर्पित और जागरूक महिला थी उन्होंने अपनी कलम से तमाम गीत "गीत गाती रहूंगी", "सांस सांस गीत हो गई","गीत गजल को ब्याह चले हैं"जैसे श्रेष्ठ गीत साहित्य जगत को प्रदान किए।।
       श्रीमती गीतांजलि सक्सेना बदायूं जनपद के हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर श्री शमशेर बहादुर आंचल जी की बहन थी बदायूं से उनका गहरा जुड़ाव रहा ।।
       उनके भाई श्री आंचल जी ने बताया कि उनका इस संसार से जाना साहित्य जगत की अपूर्णीय क्षति है जिसकी पूर्ति दीर्घकाल तक असंभव है हम सभी ऐसी पुण्य आत्मा को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं ।।