सरकार का बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा खोखला साबित ,,वफाती मिया
आज से बदायूं में भी बंद हुए 140 विद्यालय
शिक्षा के अधिकार कानून का मजाक
बदायूं 1 जुलाई कांग्रेस प्रदेश कमेटी के सदस्य चौधरी वफाती मियां ने सरकार द्वारा विलय किया जा रहे विद्यालयों को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है
उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है
कि सरकार ने अपने एक आदेश में कहा है कि जहां छात्रों की संख्या 50 से कम है वहां के बच्चों को पास के स्कूलों में शिफ्ट कर दिया जाए
लेकिन यह पास के स्कूल दो या तीन किलोमीटर से कम की दूरी पर नहीं है
ऐसे में गांव के गरीब मजदूरों के बच्चे पढ़ाई से वंचित होंगे खास तौर से बेटियां जिनकी सुरक्षा की फिक्र हर उस मां-बाप को रहती है जो रोजाना कमाने वाला व्यक्ति है
कैसे अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाएगा और कैसे उन्हें लेने जाएगा इस कारण अधिकतर बच्चे शिक्षा से वंचित होंगे
कांग्रेस की सरकार ने 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा पाने का कानूनी अधिकार दिया था
सरकार इस कानून की धज्जियां उड़ा रही है
सरकार को पुन अपने फैसले पर विचार करना चाहिए
उन्होंने कहा सरकार एक तरफ तो नारा लगती है की बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ दूसरी तरफ प्रदेश में 5000 विद्यालय को बंद करके क्या साबित करना चाहती है
इन बंद किए गए विद्यालयों में गांव के लफंगे जुआ खेलेंगे दारू पियेंगे भैंस बैल बांधगे भूसा भरेंगे गांव में बनी इन बिल्डिंगों का दुरुपयोग होगा
वही हमारे गांव की बेटी जिसकी कल्पनाएं बहुत कुछ करने की थी पढ़ने की थी अब यह सारी भावनाएं दबी रह जाएगी
क्या होगा उस विद्यालय पर लिखे श्लोक का बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ बेटियों की असुरक्षा की वजह से ज्यादातर मां-बाप इन बेटियों को स्कूल भेजना मुनाशिव नहीं समझेंगे
सरकार फैसले पर पुन विचार करें
