बगरैन में धूमधाम से मनाया गया संत शिरोमणि गुरु रविदास का जन्मोत्सव बगरैन में धूमधाम से मनाया गया संत शिरोमणि गुरु रविदास का जन्मोत्सव
भव्य आयोजन और मुख्य अतिथि का स्वागत
मन चंगा तो कठौती में गंगा का दिया संदेश
बगरैन :- कस्बा स्थित पंडित हरनारायण सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में संत शिरोमणि सदगुरु रविदास जी महाराज का 649 वां जन्मोत्सव समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। विश्व हिंदू महासंघ के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने कस्बे में भक्ति और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल पेश की। समारोह का सफल आयोजन विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रिंस देव शर्मा के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय ओमपाल मौर्य रहे। आयोजन स्थल पर पहुंचने पर पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि माननीय ओमपाल मौर्य ने अपने संबोधन में संत रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता और प्रेम का मार्ग दिखाया।उनका प्रसिद्ध संदेश मन चंगा तो कठौती में गंगा आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि संत रविदास किसी एक समाज के नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के पथ प्रदर्शक थे। विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रिंस देव शर्मा ने कहा कि महासंघ निरंतर संतों के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। गुरु रविदास जी की शिक्षाएं हमें एकजुट रहने और राष्ट्र के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देती है। इस गौरवमयी अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के तमाम पदाधिकारी, ऊर्जावान कार्यकर्ता और कस्बे के अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने गुरू रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद सहभोज वितरण किया गया।
