मनौना धाम पर रंगभरी एकादशी पर भक्तों के साथ महंत जी महाराज ने खेली होली लाखो श्याम भक्त हुए सम्मलित
मनौना धाम मे आमलकी एकादशी को भारी भीड के कारण देर रात तक खुले रहे कपाट भक्तो ने किये दर्शन
आवला - हिन्दू धर्म शास्त्रो मे शरीर और मन को संतुलित करने के लिए व्रत और उपवास के नियम बनाए गए है इन सभी उपवासो मे सबसे खास है एकादशी का व्रत एकादशी माह मे दो वार पडती है शुक्ल एकादशी और कृष्ण एकादशी 27 फरवरी को आमकली एकादशी का भक्तो ने व्रत रखा और धाम पर महंत जी महाराज के साथ रंगभरी होली खेली । मनौना धाम महंत श्री ओमेन्द्र महाराज ने बताया कि फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी कहा जाता है, बेहद पुण्यदायी मानी जाती है। साल 2026 में आमलकी एकादशी का पर्व 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाया गया । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है।
रंगभरी या आमलकी एकादशी को जो भक्त श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करते हैं, उन्हें सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में आंवले को अत्यंत पवित्र और औषधीय गुणों से भरपूर फल माना गया है। यही वजह है कि आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। यह दिन न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से बल्कि धार्मिक परंपराओं के लिहाज से भी काफी खास माना जाता है। इस दिन कई श्रद्धालु भगवान शिव और माता पार्वती की भी आराधना करते हैं, क्योंकि यह पर्व शिव-पार्वती के विवाह और होली उत्सव की शुरुआत से भी जुड़ा है।
ज्ञात रहे कि उत्तर प्रदेश के वरेली जिले मे श्री श्याम मंदिर मनौना धाम आवला वरेली मे प्रतिदिन हजारो की संख्या मे देश विदेश से श्याम भक्त आ रहे है । बाबा श्याम के दरवार मे सुबह 7 बजे से रात्री 10 बजे तक प्रसाद का भोग लगाकर दर्शन कर रहे रहे है , श्याम भक्त सुबह 7 बजे तथा शाम को 6:30 बजे आरती मे सम्मलित होकर श्याम जल के छीटे तथा प्रसाद प्राप्त कर रहे है
शुक्रवार को आमकली एकादशी के मौके पर मनौना धाम पर भक्तो का देश भर से भारी सैलाव उमडा श्याम भक्तो को कई घंटो लाइन मे लगकर कर दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
आमकली एकादशी पर भक्तो को कोई अव्यवस्था न हो इसके लिए महंत जी महाराज ने सभी सेवादारो को पहले ही दिशा निर्देश दे दिये सभी मैन प्वाइट वहान पार्किग , दर्शन लाइन व्यवस्था, मरीज दिखाने की व्यवस्था , भक्तो की सुरक्षा व्यवस्था मे सेवादारो को जिम्मेदारी दी गयी थी
आमकली एकादशी के मौके पर आर्येन्द्र चौहान एड श्यामेन्द्र चौहान अभेन्द्र चौहान महेन्द्र पाल सिह ट्रस्टी मानवेन्द्र चौहान मीडिया प्रभारी ठा वेदपाल सिह सचिन सक्सैना धीरेश सिह मुनीश कुमार फौजी सतीश सिह गौरव चौहान महेश कठेरिया मनोज चौहान श्याम सिह अतुल सिंह सत्यवीर ज्ञानेन्द्र देवांश अखिलेश चौहान संजीव सिह राहूल सिह धीरेन्द्र तोमर शिवेन्द्र सिह सचिन सिह धीरेन्द्र सिह डा आलम अवधेश कृष्णपाल सीटू अभिषेक तोमर वंटी सिह प्रिंस सूरज अजय यश नरेन्द्र सिह अभी सनी मनी संजय राजपूत गौरव पाठक हार्षित अजय चौहान मुकेश पैंटर राजेन्द्र गुप्ता पूरन देवल शैलेन्द्र सिह सुमित सिह सुमन आकांक्षा हेमा सेवादार मैजूद रहे ।
