नूरपुर पिनौनी: बदहाली के आंसू रो रहा नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गंदगी और डॉक्टरों की किल्लत से ग्रामीण बेहाल
करियामई :- सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। विकास खंड इस्लामनगर के अंतर्गत आने वाले ग्राम नूरपुर पिनौनी में स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद 'बीमार' पड़ा है। यहाँ चारों ओर फैली गंदगी और डॉक्टरों की गैरमौजूदगी ने ग्रामीणों की कमर तोड़ दी है।
स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अस्पताल के चारों ओर बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई हैं,जो जहरीले जीव-जंतुओं को दावत दे रही हैं। केंद्र के शौचालयों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है; नियमित सफाई न होने के कारण वहां से उठने वाली भीषण दुर्गंध के कारण मरीजों का खड़ा होना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य लाभ लेने आए लोग यहाँ के दूषित माहौल से उल्टा बीमार पड़ सकते हैं।
गाँव निवासी ज्ञानेंद्र शर्मा ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के खुलने का कोई निश्चित समय नहीं है।यदि कभी केंद्र खुल भी जाता है, तो डॉक्टर और स्टाफ अपनी कुर्सी से नदारद मिलते हैं। इस कारण आपातकालीन स्थिति में मरीजों को मीलों दूर निजी अस्पतालों या जिला अस्पताल की शरण लेनी पड़ती है, जिससे गरीब ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस बदहाली की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग से की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रशासन की इस बेरुखी से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, साथ ही डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।बही लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
