हजरत भोले शाह बाबा उर्फ दादा मियां के 34वें उर्स मुबारक मौके पर सजी मुशायरा की महफिल में कवि एवं शायरों ने बांधा समां

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हजरत भोले शाह बाबा उर्फ दादा मियां के 34वें उर्स मुबारक मौके पर सजी मुशायरा की महफिल में कवि एवं शायरों ने बांधा समां

Saturday, 25 April 2026 | April 25, 2026 Last Updated 2026-04-25T17:02:46Z
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हजरत भोले शाह बाबा उर्फ दादा मियां के 34वें उर्स मुबारक मौके पर सजी मुशायरा की महफिल में कवि एवं शायरों ने बांधा समां 


बिसौली - जनपद बदायूं के कस्बा बिसौली मदनलाल इंटर कॉलेज के सामने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजरत भोले शाह उर्फ दादा मियां के 34 वें उर्स का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास साथ किया जा रहा है जिसमें प्रतिदिन हजरत की शान में कव्वाली मुकाबला का भी आयोजन किया जा रहा है इसी कड़ी में कल बीते शुक्रवार को उर्स हजरत भोले शाह और दादा मियां की शान में मुशायरा का आयोजन किया गया जिसमें हिंदुस्तान के मशहूर शायर इन्तेखाब संभली ज़ीनत मुरादाबादी आतिश शाहाबादी सुरेन्द्र नाज़ बदायूं बुरहान संभली अंजलि श्री वास्तव शमशाद अली नगरी आकिल जैतपुरी क़ासिम खैरवी सहित नगर के कवि एवं शायरों ने हजरत भोले शाह उर्फ दादा मियां की शान में शायरी व कलामों से शमा बांध दिया। वहीं कवि एवं शायरों ने देश भक्ति की शायरी से मुशायरा के कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए इसी दौरान कार्यक्रम में पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष अबरार अहमद ने मुशायरा कार्यक्रम में मेहमान के रूप में आए कवि एवं शायरों को
 प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित कर दुआओं से नवाजा तो वहीं उर्स मेला कमेटी के सभी सदस्यों ने पालिका अध्यक्ष अबरार अहमद व उस्ताद शायर इन्तेखाब संभली को भी पगड़ी बांध कर फूल मालाओं से सम्मानित किया। शायरों ने हजरत भोले शाह उर्फ दादा मियां की शान में शायरी व कलामों से शमा बांध दिया शायरों ने देश भक्ति व सामाजिक एकता की शायरी से मुशायरा के कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। मुशायरा कन्वीनर वरिष्ठ शायर फ़रीद इदरीसी को कमेटी सदर यासीन बेग व चेयरमैन अबरार अहमद व इन्तेखाब संभली ने पगड़ी बांधी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 
इस मौक़े पर प्रमुख रूप से हाजी एम सगीर सय्यद मुस्तफा अली डा अमिरुद्दिन अमीर आलम बेग आलम माजिद अली माजिद श्री दत्त शर्मा मुज़्तर अभीक्ष पाठक आहत सहित नगर के सभी शायर व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मुशायरे की सदारत इन्तेख़ाब संभली ने व निजामत बुरहान संभली ने की। मुशायरा देर रात तक चला। आख़िर में कन्वीनर फ़रीद इदरीसी ने सभी का शुक्रिया अदा किया।