पितृ पक्ष पर विशेष प्रस्तुति
मां तो मां होती हैं, एक मां जितना लाड़,प्यार,दुलार अपने बच्चों से करतीं हैं, शायद दुनिया का कोई शख्स उतना प्यार कर पाए। एक मां ही होती है जो अपने बच्चों को हर मुसीबत से लड़ कर सुरक्षित बचाती है। बच्चों के भी लिए मां उतना ही प्यारी होती है जितना मां के लिए बच्चे। वही मां उन्हीं बच्चों को मारती है, डांटती है, फिर भी ओ बच्चे मां की आँचल से चिपके ही रहते हैं।एक मां के सामने दुनिया की सारी चीजें फींकी हैं।
काश! आज मेरी मां इस दुनिया में होतीं...
मुझे भी अम्मा कहने,उनका सेवा करने,उनकी डांट सुनने,उनकी प्यार पाने का हक होता, लेकिन...
... लेकिन आज मेरी मां हम सभी दो भाई 5 बहनों एवं दो पोतों तथा तन्हा पिता जी को छोड़ कर 8 वर्ष पूर्व चली गईं। आज उनकी बातें हम सभी को बहुत याद आती हैं,तो उनका हम सब के पास न होने का दुःख सताता है। आज 8 वर्ष बीत गए ज़ुबां से अम्मा शब्द नहीं निकले।उनकी तस्वीरें आज दिलो दिमाग में जरूर हैं उनके शब्द कानों में जरूर हैं,उनकी प्यार और डांट जिस्म पर जरूर हैं बस मां नहीं है...
ईश्वर से प्रार्थना है कि - मेरी मां को अपने श्री चरणों में स्थान दें...
