मामला बांदा जनपद के बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां आज मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सुबह 10:00 से दोपहर 3:00 तक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें इस शिविर का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार श्रीवास्तव के द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किया गया। वहीं बताया की मानसिक रोग सामान्य रोगों की तरह नहीं है, यह मन का रोग है, इसकी जागरूकता आवश्यक है। वहीं बताया कि मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है। लोग छोटी-छोटी बातों में नाराज होकर आत्महत्या जैसे घातक कदम उठा लेते हैं। इसलिए परिवार के साथ समय बिताए योग भी करें, मोबाइल का प्रयोग कम करें। वही बताया की उलझन घबराहट बेचैनी नींद ना आना अत्यधिक साफ सफाई करना, मिर्गी के दौरे आना, देवी देवताओं का साया का भ्रम बना रहना ,अगर ऐसे लक्षण आते हैं तो मानसिक रोग हो सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को जिला अस्पताल बांदा में सोमवार बुधवार शुक्रवार को जाकर अपना पंजीकरण कमरा नंबर चार और पांच पर दिखाकर इलाज करा सकते हैं। इस मौके पर तीन सैकड़ा से अधिक मरीजों का पंजीकरण व इलाज किया गया। वही डॉक्टरो ने बताया कि इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता जन-जन तक पहुंचना है, जिससे मानसिक रूप से बीमार लोगों को समय से इलाज हो सके। इस मौके पर सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर ऋषिकेश सिंह, मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र मिश्रा, डॉक्टर सिद्धार्थ मनोहर गुप्ता, डॉक्टर आशुतोष सिंह, डॉक्टर बृजेश भारतीय, डॉक्टर देव प्रकाश, डॉक्टर रिजवाना हाशमी, नर्सिंग ऑफिसर त्रिभुवन नाथ, अनुपम त्रिपाठी, युवराज सिंह, आशीष कुमार, मनोज कुमार, धीरज अशोक कुमार, एलटी अंजनी कुमार, सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
नंदू चतुर्वेदी
बांदा उत्तर प्रदेश
