डीएम ने किया प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षणमध्यान्ह भोजन मेनू के अनुसार न होने पर डीएम ने व्यक्ति की नाराजगी

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डीएम ने किया प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षणमध्यान्ह भोजन मेनू के अनुसार न होने पर डीएम ने व्यक्ति की नाराजगी

Monday, 9 December 2024 | December 09, 2024 Last Updated 2024-12-09T15:03:19Z
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डीएम ने किया प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षणमध्यान्ह भोजन मेनू के अनुसार न होने पर डीएम ने व्यक्ति की नाराजगी
बदायूँः 09 दिसम्बर। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव ने सोमवार को प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर वहां शिक्षा के स्तर को जाना, साफ सफाई की व्यवस्था को जांचा, मध्यान्ह भोजन को चेक किया। बच्चों से किताब पढवाई व शिक्षा संबंधी सवाल पूछे। अध्यापकों व बच्चों की उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया। जिलाधिकारी ने शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने के लिए अध्यापकों को निर्देशित किया तथा मध्यान्ह भोजन मेनू के अनुसार ना बनने होने पर अपनी नाराजगी व्यक्ति।
जिलाधिकारी ने सोमवार को प्राथमिक विद्यालय सराय नाहर खा नंबर एक का निरीक्षण किया। जिसमें पंजीकृत 52 बच्चों में से 32 बच्चे उपस्थित पाए गए। प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। शिक्षामित्र आकस्मिक अवकाश पर थी। उन्होंने सराय नाहर खान नंबर 2 का निरीक्षण किया। जिसमें पंजीकृत 25 बच्चों के सापेक्ष 14 उपस्थित पाए गए। प्रधान अध्यापिका चिकित्सा अवकाश पर थी। वहीं ऊपर पारा नगर क्षेत्र प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 50 बच्चों के सापेक्ष 19 उपस्थित पाए गए तथा प्रधानाध्यापिका उपस्थित मिली। लालपुल नगर क्षेत्र बदायूं में पंजीकृत 43 बच्चों के सापेक्ष 24 उपस्थित पाए गए तथा प्रधानाध्यापिका उपस्थित मिली।
जिलाधिकारी ने बच्चों की कम उपस्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्ति की। उन्होंने उपस्थिति अध्यापकों से कहा कि बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए यूनिफॉर्म व अन्य निशुल्क सामान बच्चों के पास उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में साफ सफाई की समुचित व्यवस्था करने के लिए कहा तथा मध्यान्ह भोजन को मेनू के अनुसार बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है, इनकी स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों पर बच्चों का सर्वप्रथम अधिकार है। उन्होंने बच्चों से शिक्षा संबंधी सवाल पूछे व किताब पढवाई। उन्हें शिक्षा का स्तर अपेक्षाकृत कम नजर आया। जिस पर उन्होंने अध्यापकों से मन लगाकर बच्चों को पढ़ाने के लिए कहा। इस अवसर पर अध्यापक व बच्चे मौजूद रहे।
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