सीएचसी सैदपुर में तैनात कर्मियों के तबादले की मांग तेज
लंबे समय से एक ही जगह जमे हैं कर्मचारी, क्षेत्रीय लोगों ने सीएमओ को सौंपा पत्र
भाजपा नेताओं ने कहा- संतुलित समायोजन से ही मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सेवाए
ब्यूरो चीफ बदायूं
वजीरगंज ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर में लंबे समय से तैनात कर्मचारियों के तबादले की मांग अब जोर पकड़ रही है। क्षेत्रीय लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ बदायूंको पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
क्या है शिकायत
सीएमओ को भेजी गई शिकायत में बताया गया है कि सीएचसी सैदपुर में सभी पदों पर कर्मचारी लंबे समय से तैनात हैं। उनके तबादले न होने से कार्यशैली में लापरवाही आ रही है और आम जनता को परेशानी हो रही है।
आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों का व्यवहार मरीजों और उनके तीमारदारों के प्रति संतोषजनक नहीं है।
*संतुलित समायोजन की उठी मांग*
इस मामले को लेकर *भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष मुकेश भदौरिया* और *क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र पाल* ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि वजीरगंज ब्लॉक में 2 *पीएमडब्ल्यू* तैनात हैं, जबकि *आसफपुर और इस्लामनगर ब्लॉक* में यह पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
नेताओं ने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों का *संतुलित तरीके से समायोजन* करे। इससे सभी क्षेत्रों के मरीजों को समान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
फिलहाल सीएमओ कार्यालय से इस पत्र पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
*सीएचसी सैदपुर में लंबे समय से तैनात कर्मियों के तबादले की मांग*
*लोगों ने सीएमओ को भेजा पत्र, संतुलित समायोजन की उठी मांग*
*बीकेयू नेता बोले- एक ब्लॉक में 2 पीएमडब्ल्यू, दूसरे ब्लॉक में पद खाली*
वजीरगंज ब्लॉक* के *सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर* में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों के तबादले की मांग तेज हो गई है। क्षेत्रीय लोगों ने *मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं* को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
सीएमओ को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि सीएचसी सैदपुर में सभी पदों पर कर्मचारी लंबे समय से तैनात हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है और कर्मचारियों का व्यवहार भी लोगों के प्रति संतोषजनक नहीं है।
*नेताओं ने उठाया मुद्दा*
इस संबंध में *भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष मुकेश भदौरिया* और *क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र पाल* ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों का संतुलित समायोजन नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि *वजीरगंज ब्लॉक में दो पीएमडब्ल्यू तैनात हैं*, जबकि *आसफपुर और इस्लामनगर ब्लॉक में यह पद लंबे समय से रिक्त* पड़े हैं। ऐसे में अन्य क्षेत्रों के मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
नेताओं ने मांग की है कि सभी ब्लॉकों में कर्मचारियों का समान वितरण किया जाए, ताकि प्रत्येक क्षेत्र के मरीजों को बराबर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
अभी सीएमओ कार्यालय से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ANM स्थानांतरण में धांधली के आरोप, 10 साल से जमे कर्मियों को बचाया गया*
*"सुविधा शुल्क" का खेल, 2-3 साल वाली ANM का हुआ तबादला*
*15 अगस्त को CMO कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी*
*बदायूं। संवाददाता*
स्वास्थ्य विभाग में *ANM के स्थानांतरण* को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि तबादलों में नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ है। 10 साल से एक ही जगह जमे कर्मचारियों को बचा लिया गया, जबकि 2-3 साल से तैनात ANM का ट्रांसफर कर दिया गया।
*स्थानांतरण में "सुविधा शुल्क" का आरोप*
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। आरोप है कि तबादलों में "सुविधा शुल्क" का खेल हुआ है। जिन ANM की तैनाती 2-3 साल ही हुई थी, उनका तबादला कर दिया गया, लेकिन 10 साल से अधिक समय से एक ही CSC/CHC पर जमे कर्मियों को छूट दे दी गई।
उदाहरण के तौर पर *सैदपुर CSC* का मामला सामने आया है। यहां *नवाब मियां* के खिलाफ कई शिकायतें होने के बावजूद वे 10 साल से तैनात हैं।
*डॉक्टरों की अनुपस्थिति और प्रैक्टिस के आरोप*
शिकायत में यह भी कहा गया है कि *डॉ. विजेंद्र भैरव* 6 माह से अस्पताल नहीं आए हैं। *बुआ सहरूल निसा* भी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आती हैं।
साथ ही आरोप लगाया गया है कि *डॉ. वागीस, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. तनवीर* सहित कई सरकारी डॉक्टर निजी अस्पताल भी चला रहे हैं, जिससे सरकारी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
*मांगें*
आंदोलनकारियों ने मांग की है कि प्रत्येक *CSC पर डॉक्टर एवं अधीनस्थ कर्मचारियों की जांच* कराई जाए और नियमों के अनुसार तबादले किए जाएं।
*धरने की चेतावनी*
इस मुद्दे को लेकर *6 अगस्त को सहसवान में प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा* और *प्रदेश संगठन मंत्री जयवीर सिंह यादव* की मीटिंग होगी। वहीं *15 अगस्त को तिरंगा रैली* के बाद *CMO कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना* शुरू करने की घोषणा की गई है।
क्या मैं इसमें "स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए" वाली लाइन के लिए जगह छोड़ दूं?
