सितारगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों का संघर्ष तेज, 24वें दिन भी धरना जारी—मांगें पूरी न होने पर 28 अप्रैल को प्रदेशभर में उग्र आंदोलन का ऐलान।
सितारगंज:(चरन सिंह सरारी) सितारगंज के अनाज मंडी परिसर में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों, सहायिकाओं और मिनी कर्मचारियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। शनिवार को धरना प्रदर्शन लगातार 24वें दिन भी पूरे जोश और एकजुटता के साथ जारी रहा, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्तियां अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर डटी रहीं और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष चंदारावती ने दो टूक शब्दों में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए, उन पर जबरन थोपे जा रहे अतिरिक्त कार्यों से मुक्ति मिले और उनके कार्य की गरिमा के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने 28 अप्रैल तक मांगों को नहीं माना तो पूरे प्रदेश में व्यापक और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। धरनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सरदार नवतेज पाल सिंह, हरीश दुबे और करन जंग ने आंदोलन को खुला समर्थन देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। नवतेज पाल सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी और महिलाएं सभी वर्ग त्रस्त हैं और आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की अनदेखी सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत वार्ता कर कार्यकर्तियों की जायज मांगों को स्वीकार करे, अन्यथा यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। धरना प्रदर्शन में परमजीत कौर, मंजीत कौर, बलविंदर कौर, सुखजीत कौर, रणदीप कौर, शबाना, शमा, जीनत, राधा भंडारी, ममता पाठक, कुशमावती, दुर्गावती सहित कई आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने एक स्वर में आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया और कहा कि अब अधिकार लेकर ही वापस लौटेंगी।
