रेवीज के कारण एक बच्चे की मौत ने व्यवस्था खड़े किए सवाल
बिसौली : दो दिन पहले उघैती निवासी नाजिम के 10 वर्षीय पुत्र तंजीम की मृत्यु हो गई। तंजीम को एक पागल कुत्ते ने एक माह पहले उसकी ननिहाल बिसौली विकास खंड क्षेत्र के गांव परौली में खेलते समय काट लिया था, तंजीम को अगले रोज एंटी रेवीज का इंजेक्शन बिसौली स्वास्थ्य केंद्र पर लगवाया गया बावजूद इसके इस छोटे बच्चे की दर्दनाक मृत्यु हो गई, इस घटना ने सभी मन में सरकारी अस्पतालों में दी जाने वाली रेवीज डोज़ को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय से बिसौली अस्पताल से तमाम जानकारियां इस बावत जुटाई जाती रहीं। सीएचसी बिसौली पर प्रतिदिन 100 से 150 लोगों को ये डोज़ दी जाती है ऐसे में इस घटना ने यहाँ उपचार ले चुके लोगों के मन में भय उत्पन्न कर दिया है। मंगलवार को इस इंजेक्शन के रखरखाव सम्बन्धी बातें होती रहीं, कुछ लोग का कहना था कि इंजेक्शन नौसिखिए इंटर्न द्वारा लगाया जाता है तो कुछ इसकी निर्धारित खुराक पर संशय करते दिखे। मुख्य फार्मासिस्ट डीएन मिश्रा ने तंजीम के मामले में कुछ संभावित कारणों में रखरखाव सम्बन्धी संशय से साफ इंकार किया उन्होंने बताया कि इंजेक्शन फ्रिज में सही तापमान पर रखे जाते हैं कहा कि डोज़ लगाने से पूर्व इंटर्न को प्रशिक्षण दिया जाता है और ऊपर से इस इंजेक्शन की पर्याप्त मात्रा मिलती है तो कम डोस देने का कोई कारण ही नहीं है, डीएन मिश्रा ने बताया कि काटने के मामलों में लोगों को अस्पताल आने में देरी नहीं करनी चाहिए, साथ ही तत्काल साबुन से घाव को 15 मिनट तक साफ करें और लाल मिर्च पीसकर बिल्कुल भी न लगाएं और चार जरुरी खुराक तय समय पर ही लें, बताया कि पहला इंजेक्शन लगाने का बाद दूसरा इंजेक्शन तीसरे दिन और तीसरा इंजेक्शन सातवें और चौथा इंजेक्शन 28 दिन लगाया जाता है, व बूस्टर खुराक 90 दिन बाद दी जाती है। मुख्य फार्मासिस्ट डीएन मिश्रा द्वारा भले ही अब कुछ इस मामले में सभी व्यवस्तिथ बताया हो तो भी चूक तो हुई है जिसे खोजकर दूर करना अतिआवश्यक है।
